शाम के पृष्ठ पर एक असम्भव की तरफ़ खुलता कवि
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*अदनान कफ़ील दरवेश की कविता पर शिवप्रसाद जोशी *
अदनान, शाम के पृष्ठ पर एक असम्भव की तरफ़ खुलता है- उसकी यह काव्य-पंक्ति
उसका परिचय है।
अपने जीवन के तीसर...
2 weeks ago
